सोमवार, 27 जून 2016

Apne Hathon Ki Lakeeron Mein Basa Le Mujhko

Apne Haathon Kee Lakiron Mein Basa Le Mujhko
Main Hoon Tera To Naseeb Apna Bana Le Mujhko

Mujhse Too Poochne Aaya Hai Wafa Ke Maani
Ye Teri Sadaa-dili Maar Na Daale Mujhko

Khud Ko Main Baant Na Daaloon Kahin Daaman-daaman
Kar Diya Tune Agar Mere Hawaale Mujhko

Bada Fir Bada Hai Main Zehar Bhi Pee Jaaoon 'qatil'
Shart Ye Hai Koi Baahon Mein Sambhale Mujhko
Album: FAVORITES
Singers: Jagjit Singh
Poet: Qateel Sifai

अपने हाथों की लकीरों में बसा ले मुझको 
मैं हूँ तेरा नसीब अपना बना ले मुझको 



मुझसे तू पूछने आया है वफ़ा के मानी 
ये तेरी सादादिली मार न डाले मुझको 



मैं समंदर भी हूँ, मोती भी हूँ, ग़ोताज़न भी 
कोई भी नाम मेरा लेके बुला ले मुझको 



तूने देखा नहीं आईने से आगे कुछ भी 
ख़ुदपरस्ती में कहीं तू न गँवा ले मुझको 



कल की बात और है मैं अब सा रहूँ या न रहूँ 
जितना जी चाहे तेरा आज सता ले मुझको 



ख़ुद को मैं बाँट न डालूँ कहीं दामन-दामन 
कर दिया तूने अगर मेरे हवाले मुझको 



मैं जो काँटा हूँ तो चल मुझसे बचाकर दामन
मैं हूँ गर फूल तो जूड़े में सजा ले मुझको 



मैं खुले दर के किसी घर का हूँ सामाँ प्यारे 
तू दबे पाँव कभी आ के चुरा ले मुझको 



तर्क-ए-उल्फ़त की क़सम भी कोई होती है क़सम 
तू कभी याद तो कर भूलने वाले मुझको 



वादा फिर वादा है मैं ज़हर भी पी जाऊँ "क़तील" 

शर्त ये है कोई बाँहों में सम्भाले मुझको
एल्बम: फेवरिट्स
गायक: जगजीत सिंह
शायर: क़तील शिफ़ाई

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By - JAGJIT SINGH
By - Mussarrat Nazir
By: Mehdi Hassan

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