मंगलवार, 24 जनवरी 2017

Husn Walon Ka Ehtram Karo



Husn Walo Ka Ahtram Karo
Kuch To Dunia Me Nake Kam Karo
Shekh Aye Hai Bavju Hokar
Ab To Pine Ka Intezam Karo
Abhi Barsege Har Taraf Jalwe
Tum Nigaho Ka Ehtmam Karo
Log Darne Lage Gunaho Se
Barish-e-rhmat-e-tamam Karo
Album: FAVORITS
Singers: Jagjit Singh
Poet: Kunwar Mohinder Singh Bedi 'Sahar'
हुस्न वालों का एहतिराम करो
कुछ तो दुनिया मे नेक काम करो
एहतिराम - सम्मान, आदर;
शेख़ आये हैं बा-वज़ू होकर
अब तो पीने का इंतिज़ाम करो
शेख़ - धर्माचार्य, बा-वज़ू होकर - नमाज़ पढ़कर;
अभी बरसेंगे हर तरफ़ जलवे
तुम निगाहों का एहतिमाम करो
एहतिमाम - इंतिज़ाम, बंदोबस्त;
लोग डरने लगें गुनाहों से
बारिश-ए-रहमत-ए-तमाम करो
बारिश-ए-रहमत-ए-तमाम = ईश्वरीय कृपा की अत्यधिक बरसात;
एल्बम: फेवरिट्स
गायक: जगजीत सिंह
शायर: कुँवर मोहिन्दर सिंह बेदी 'सहर'
Watch/Listen on youtube: Pictorial Presentation