बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

Koi Chaudhween Raat Ka Chaand Bankar



Koi Chaudhween Raat Ka Chaand Bankar
Tumhaare Tasavvur Mein Aaya To Hoga
Kisi Se To Kee Hogi Tumne Mohabbat
Kisi Ko Gale Se Lagaya To Hoga

Tumhaare Khayalon Ke Angdaaiyon Mein
Meri Yaad Ke Phool Mehke To Honge
Kabhi Apne Aankhon Ke Kaajal Se Tumne
Mera Naam Likhkar Mitaaya To Hoga

Labon Se Mohabbat Ka Jaadoo Jagake
Bhari Bazm Mein Sabse Nazaren Bachaake
Nigaahon Ki Raahon Se Dil Mein Samaake
Kisi Ne Tumhe Bhee Churaaya To Hoga

Kabhi Aaeene Se Nigaahen Milakar
Jo Lee Hogi Bharpoor Angdaaiyon Toone
To Ghabraake Khud Teri Angdaaiyon Ne
Tere Husn Ko Gud-gudaaya To Hoga
Album: MIRAJE
Singers: Jagjit Singh
Lyricist: Akhtar Azaad
कोई चौदहवीं रात का चाँद बनकर तुम्हारे तसव्वुर में आया तो होगा;
किसी से तो की होगी तुमने मुहब्बत किसी को गले से लगाया तो होगा!
तुम्हारे ख़यालों की अँगड़ाईयों में मेरी याद के फूल महके तो होंगे;
कभी अपनी आँखों के काजल से तुमने मेरा नाम लिख कर मिटाया तो होगा!
लबों से मुहब्बत का जादू जगा के भरी बज़्म में सब से नजरें बचा के;
निगाहों की राहों से दिल में समा के किसी ने तुम्हें भी चुराया तो होगा!
कभी आईने से निगाहें मिलाकर जो ली होगी भरपूर अँगड़ाई तूने;
तो घबरा के ख़ुद तेरी अँगड़ाईयों ने, तेरे हुस्न को गुदगुदाया तो होगा!
निगाहों में शम्अ-ए-तमन्ना जला कर तकी होंगी तुमने भी राहें किसी की;
किसी ने तो वादा किया होगा तुमसे किसी ने तुम्हें भी रुलाया तो होगा!
एल्बम: मिराज
गायक: जगजीत सिंह
शायर: अख़्तर आज़ाद
Watch/Listen on youtube: Pictorial Presentation