गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

Ishq Mujhko Nahin Wehshat Hi Sahi



Ishq Mujhko Naheen, Wehshat Hee Sahee
Meree Wehshat, Teree Shohrat Hee Sahee

Ham Bhee Dushman To Naheen Hain Apne
Ghair Ko Tujh Se Mohabbat Hee Sahee

Ham Koee Tarq-e-wafa Karte Hain
Na Sahee Ishq, Museebat Hee Sahee
Album: Mirza Ghalib
Singers: Chitra Singh
Lyricist: Mirza Ghalib
इश्क़ मुझको नहीं वहशत ही सही
मेरी वहशत तेरी शोहरत ही सही

क़ता कीजे ना तअल्लुक़ हमसे
कुछ नहीं है तो अदावत ही सही

मेरे होने में है क्या रुसवाई
ऐव-ओ-मजलिस नहीं किलरत ही सही

हम भी दुशमन तो नहीं हैं अपने
ग़ैर को तुझसे मोहब्बत ही सही

हम कोई तर्क़-ए-वफ़ा करते हैं
ना सही इश्क़ मुसीबत ही सही

हम भी तक़लीम की ख़ूँ डालेंगे
बेनयाज़ी तेरी आदत ही सही

यार के छेड़ चली जाये असद
जब नहीं वस्ल तो हसरत ही सही
एल्बम: मिर्ज़ा ग़ालिब
गायक: चित्रा सिंह
शायर: मिर्ज़ा ग़ालिब
Watch/Listen on youtube: Pictorial Presentation